सैकड़ों की संख्या में कोरबा से अयोध्या के लिए निकलेगी बाइक रैली, पसान क्षेत्र से लगभग 40 राम भक्त होंगे शामिल – राजकुमार पांडेय

श्री राम श्रद्धा सेतु यात्रा : कोरबा से अयोध्या बाइक रैली कोरबा जिले से प्रभु श्रीराम के पावन धाम अयोध्या के लिए एक ऐतिहासिक बाइक रैली निकाली जा रही है। यह यात्रा राम नाम लेखन महायज्ञ अभियान के अंतर्गत लिखी गई तीन अरब 33 करोड़ राम नाम लेखन पुस्तिका एवं छत्तीसगढ़—भगवान श्रीराम के ननिहाल एवं मामा-नाना गांव की मातृशक्ति द्वारा तैयार किए गए तिल के लड्डू प्रभु श्रीराम को भेंट स्वरूप अर्पित करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।यह पावन यात्रा 12 जनवरी 2026, स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर प्रारंभ होकर 16 जनवरी 2026 को अयोध्या धाम पहुंचकर पूर्ण होगी। इस दौरान कोरबा जिले के सनातनी युवा अपने दोपहिया वाहनों से कोरबा–अंबिकापुर–वाराणसी मार्ग होते हुए अयोध्या पहुंचेंगे।पसान खंड कार्यवाह राजकुमार पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि इस ऐतिहासिक बाइक रैली में पूरे कोरबा जिले से सैकड़ों की संख्या में राम भक्त भाग लेंगे, जिसमें पसान खंड के पांचों मंडल—जल्के, पिपरिया, पसान, लैगा एवं सेमरा से लगभग 40 राम भक्त शामिल होंगे। पसान क्षेत्र के इतिहास में यह पहला अवसर है जब इतनी बड़ी संख्या में ग्रामीण राम भक्त अयोध्या धाम के लिए बाइक रैली के रूप में प्रस्थान कर रहे हैं।उन्होंने कोरबा जिला संगठन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पसान क्षेत्रवासियों ने श्री राम मंदिर निर्माण, श्री राम मंदिर निर्माण सेवा महोत्सव एवं श्री राम नाम लेखन महायज्ञ जैसे आयोजनों में अपनी सशक्त राम भक्ति का परिचय दिया है। यह कार्यक्रम सर्व हिंदू समाज की एकता और अखंडता का प्रतीक है।बाइक रैली हेतु पंजीयन अनिवार्य किया गया है।
📍 12 जनवरी, सोमवार, सुबह 8:00 बजे – श्री हनुमान मंदिर, पसान में एकत्रीकरण होगा।
इसके पश्चात सभी राम भक्त कटघोरा के लिए रवाना होंगे, जहां सुबह 10:00 बजे सामूहिक एकत्रीकरण के बाद अंबिकापुर मार्ग से आगे की यात्रा प्रारंभ होगी।छत्तीसगढ़ के चंदखुरी (रायपुर) में माता कौशल्या का जन्म हुआ, इसी कारण छत्तीसगढ़ को भगवान श्रीराम का मामा-नाना गांव कहा जाता है। इस पावन भूमि से श्रद्धालु परिवार मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर अपने घरों में बने तिल के लड्डू प्रभु श्रीराम को भेंट कर रहे हैं।पसान क्षेत्र में लगातार हो रहे धार्मिक आयोजनों से यह स्पष्ट है कि क्षेत्र में धार्मिक चेतना, सामाजिक एकता और सनातन संस्कार निरंतर सशक्त हो रहे हैं।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर यह समय राष्ट्र की एकता, अखंडता और प्रभु श्रीराम की भक्ति के लिए स्वयं को समर्पित करने का है।





